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~चेन्नई आपदा Chennai bad times!

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अपनों का सुख है लूटा
आँगन का फूल है छूटा
 बरसा है ऐसा ये दुःख जो बादल का जिगर है फूटा,
 आँसू है ये या है ते बस पानी
 भूख से बिकल रहे बच्चे ,
 ख़तम होती जा रही जवानी

नाले के पानी में बारिश बना धोख़ा, 
कार की जगह चली है नौका
बादल का चेन्नई में जिगर है फूटा,
मुड़ गया है सूख इनकी गली से
बरपा है कहर इन रह गुजरो पे !!

रुक गया है सब बे कदम होकर
आया है सैलाब का ये बेदर्द मंजर
जेहरिले नगीनों को भी भाया ये मौका
बादल का चेन्नई में जिगर है फुटा..

आज ना सोया ,कल भी खोया
पानी के पहार से
यहाँ जीवन का पल पल है टूटा
हाथ बढ़ाओ जरा अपना प्रभु जो अब
बादल का ज़िगर का फुटा…

 घबरायो मत चेन्नई के लोगो ,
हम सब हर पल तुम्हारे साथ है
पुरे हिंदुस्तान को फ़िक्र है तुम्हारी,
तुम्हारे साथ हमारे ये दोनों हाथ है 

Chennai dont feel as bare !
We all do care!
people are trying to provide need
 you will be happy again indeed !

चेन्नई के लिए कामना करे
#ChennaiRains
PRAY FOR CHENNAI

All Rights Reversed
Prabhu Pandey

 

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2 thoughts on “~चेन्नई आपदा Chennai bad times!

  1. Such a heart touching poem …
    Shows the suffering of Chennai …
    Great lines bhaiyya …
    U made my eyes wet by your poetry

  2. The poem is quite touching and sensuous! All people need ryt now is the hope to go on in life and be happy. Please keep expressing ua ideas and views and inspiring people! 😀

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