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==मेजर शैतान सिंह===

पहने हरी वर्दी वतन कीलाल लहू को सुलगा दिया

सफ़ेद बर्फ की वादी में,

दुश्मनों को बर्फ किया,
123 सैनिको को ले कर,

1000 चीनियों का अंत किया,

कुमांऊ रेजिमेंट के इस नायक ले,

जब तक जिया संगर्ष किया,
थे खून से लतपत पोस्ट पर,

ज़ख्म में दर्द को भी बर्दाश्त किया,

हज़ारो ने चाहा उनका पोस्ट उड़ाना,

उन्होंने सबके मंसूबो को ज़ख़्म दिया,
पड़े जमीन पर वो मुस्कुराते,

सभी सैनिको का हौसला बढ़ाते,

कम थे हतियार कम थी गोलियां,

वो 3शैल से अचूक निशाना लगाते,
लड़ते लड़ते इस वीर ने,

जब शहीदी को क़ुबूल किया,

ट्रिगर अब भी था बंदूकों पर,

इस परमवीर ने हौसले से अलविदा किया,
चला तो गया ये मेजर,

पर जाते जाते इस वीर ने,

क्या होता है वीर ये बतला दिया,

कैसी होनी चाइये वीरता ये सिखला दिया..
आप अमर है

जय हिंद

प्रभु प्रभात

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