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•साँसे•

सवांग आज अपने रूम से बाहर नही गया , बिना खाये पिए ही रूम में पड़ा पड़ा अपनी साँसों को ध्यान से देख रहा हैं, उसके रूम पे कोई नही है उसके चार दोस्त नाईट आउट संग मूवी देखने गए हैं इससे भी पूछा था लेकिन मन नही है कहकर मना कर दिया ,वैसे भी जब मन नही होता न तो तन काम करके भी बेकाम ही रहता हैं..

वो देख रहा था कैसे दो साल जीवनी से अलग रहने के बावजूद उसकी साँसों ने चलना नही छोड़ा वो निरंतर वैसे ही चल रही है जैसा ही उसके साथ रहने पे चला करती थीं ,थोड़ा और गहन किया साँसों पर तो पाया कि साँसे जीवन होती ही नही है वो तो बस एक मीडियम होती हैं किसीको जिंदा रखने का और किसीको ये याद दिलाने के लिए की वो मरते हुए भी ज़िन्दा हैं साँसे बेहद हल्की होती है लेकिन ये ज़िन्दगी जितनी बोजिल होती हैं ,कोई इनके बिना रह भी नही सकता और कोई इनके साथ भी रह नही पाता..!!

अपना सवांग भी यही सोच रहा था कि वो किस कैटेगरी पे आता हैं की तभी घड़ी की सुईयों के थोड़े और सफर के साथ एक नई तारीख को अपना हमसफ़र बना लिया!

सवांग सीधे जीवनी की हार लगी तस्वीर की तरफ गया और सूखे हुए गुलाब को अपने आँखो से धुलकर उस पर चढ़ाता हुया बोल पड़ा..

हैप्पी बर्थडे जीवनी I LOVE YOU ALOT !! एक बार फिर मैं वादा करता हूँ जब तक मेरी साँसे रहेगी मैं तुंम्हे मरने नही दूँगा..!!”

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